खता हो गयी मुझसे की जो तुजसे नज़रे न मिला पाए ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम यूँ रुसवा होके निकलोगे !
खता हो गयी मुझसे की जो तुझपे विस्वास कर गए ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही दगा दिल से करोगे !
खता हो गयी मुझसे की जो तुमको अपना दिल सुपुर्द किया ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही बेवफा सनम निकलोगे !
खता हो गयी मुझसे की जो तुम्हारा यूँ रस्ता तकते रहे ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही सजा ए इन्तजार दोगे !
खता हो गयी मुझसे की जो तुझको अपनी जान तेरे नाम किया ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही कातिले ए जान निकलोगे !
"गौरव दुबे "

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