Tuesday, 9 September 2014

खता हो गयी मुझसे - "गौरव दुबे "






















खता  हो गयी मुझसे की जो तुजसे नज़रे न मिला पाए ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम यूँ रुसवा होके निकलोगे !

खता  हो गयी मुझसे की जो तुझपे विस्वास कर गए ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही दगा दिल से  करोगे !


खता  हो गयी मुझसे की जो तुमको अपना दिल सुपुर्द किया ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही बेवफा सनम निकलोगे !


खता  हो गयी मुझसे की जो तुम्हारा यूँ  रस्ता तकते रहे ,
बेवफा हमें क्या पता था तुम्ही सजा ए इन्तजार  दोगे !


खता  हो गयी मुझसे की जो तुझको अपनी जान तेरे नाम किया  ,
बेवफा हमें क्या पता  था  तुम्ही कातिले ए जान निकलोगे !


"गौरव दुबे "

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